कटिहार [ बिहार ]_
बिहार के कटिहार में होम गार्ड के एक जवान को अपने ही विभाग के आला अधिकारी पर घुस मांगने का आरोप लगाना महंगा पड़ गया ,अधिकारी तो आरोप मुक्त हो गये लेकिन होम गार्ड के जवान को दूसरे मामले में उलझा कर फसा दिया गया ,अब होम गार्ड जवान नीरो यादव 18 सालो से इंसाफ के लिए भटक रही है ,,,_" घुस के खिलाफ घुसा " होम गार्ड नीरो यादव को मंहगा पड़ गया ,दरअसल मामला साल 2001 से जुड़ा हुआ है ,जब नीरो यादव ने होम गार्ड के तत्कालीन DSP मनोज नट पर डियूटी देने के नाम पर 12 सौ रुपया लेने का आरोप लगाया था ,नीरो का आरोप है की बकरी बेच कर 12 सौ रुपया देने के बाबजूद उसे डियूटी नहीं दिया गया था ,घुस खोरी के इस मामले को जब उन्होंने बड़े अधिकारियो तक पहुंचाया तो उस पर जाँच तो हुई पर नीरो के आरोप के अनुसार अपने वरीय पदाधिकारी पर लगाये गये आरोप को सभी ने मिल कर निराधार साबित कर दिया ,वही दूसरे एक मामले पर कटिहार नगर थाना में उन पर मामला दर्ज करते हुए उन्हें पद मुक्त कर दिया गया , तब से लेकर अब तक नीरो यादव इंसाफ की लड़ाई लड़ रही है ,मामले पर कटिहार आरक्षी अधीक्षक कहते है की इस मामले पर मिले आवेदन को जाँच करवाया गया है ,जिसमे बताया गया है की उम्र सिमा के आधार पर 2015 तक नीरो यादव से डियूटी लेने के बाद उन्हें रिटायर्ड करवा दिया गया है और गलत जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के आरोप में उन पर एक मामला भी दर्ज करवाया गया है ,नीरो यादव जो आरोप लगा रहे है की 2001 के बाद उनसे डियूटी नहीं ली गई है यह गलत है
बिहार के कटिहार में होम गार्ड के एक जवान को अपने ही विभाग के आला अधिकारी पर घुस मांगने का आरोप लगाना महंगा पड़ गया ,अधिकारी तो आरोप मुक्त हो गये लेकिन होम गार्ड के जवान को दूसरे मामले में उलझा कर फसा दिया गया ,अब होम गार्ड जवान नीरो यादव 18 सालो से इंसाफ के लिए भटक रही है ,,,_" घुस के खिलाफ घुसा " होम गार्ड नीरो यादव को मंहगा पड़ गया ,दरअसल मामला साल 2001 से जुड़ा हुआ है ,जब नीरो यादव ने होम गार्ड के तत्कालीन DSP मनोज नट पर डियूटी देने के नाम पर 12 सौ रुपया लेने का आरोप लगाया था ,नीरो का आरोप है की बकरी बेच कर 12 सौ रुपया देने के बाबजूद उसे डियूटी नहीं दिया गया था ,घुस खोरी के इस मामले को जब उन्होंने बड़े अधिकारियो तक पहुंचाया तो उस पर जाँच तो हुई पर नीरो के आरोप के अनुसार अपने वरीय पदाधिकारी पर लगाये गये आरोप को सभी ने मिल कर निराधार साबित कर दिया ,वही दूसरे एक मामले पर कटिहार नगर थाना में उन पर मामला दर्ज करते हुए उन्हें पद मुक्त कर दिया गया , तब से लेकर अब तक नीरो यादव इंसाफ की लड़ाई लड़ रही है ,मामले पर कटिहार आरक्षी अधीक्षक कहते है की इस मामले पर मिले आवेदन को जाँच करवाया गया है ,जिसमे बताया गया है की उम्र सिमा के आधार पर 2015 तक नीरो यादव से डियूटी लेने के बाद उन्हें रिटायर्ड करवा दिया गया है और गलत जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के आरोप में उन पर एक मामला भी दर्ज करवाया गया है ,नीरो यादव जो आरोप लगा रहे है की 2001 के बाद उनसे डियूटी नहीं ली गई है यह गलत है



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