कटिहार [ बिहार ]_
आदर्श को बचाना है ,ग्यारह साल का आदर्श मांग रहा है ज़िन्दगी ,,,अजीब बिमारी के चपेट में है आदर्श,परिजन लगा रहे हैं ज़िंन्दगी की गुहार ,,बिहार के कटिहार के मनिया के रहने वाले पप्पू शाह का बीटा आदर्श मौत से भी बदतर ज़िन्दगी जीने को मज़बूर हैं ,आदर्श तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर है ,इसका दोनों भाई बिलकुल स्वस्थ है पर गरीबी की वजह से इलाज कराने में नाकाम है ,मजदूरी कर ज़िन्दगी बसर करने वाला ये परिवार है ,आदर्श की माँ राधा देवी कहती है की इसका इलाज करवाने के लिए कई डॉक्टर दिखाया गया लेकिन इसका यहाँ इलाज संभव नहीं पाया ,बचपन में आदर्श को पोलियो की खुराक भी पिलाती आ रही है ,फिर भी इस खतरनाक बीमारी ने जाकर लिया है ,आदर्श को मामूली चोट लगते ही अजीब शरीर का बनावट बन जाता है ,हड्डियां खुद ब खुद टूटती रहती है ,फिर खुद ही जुट भी जाती है ,और हड्डियां टूट टूट कर शरीर की अजीब बनावट बन चुकी है ,कटिहार के सदर अस्पताल के डॉक्टर कहते हैं की ये बिहार में पहला मामला है ,इस तरह की बिमारी मध्यप्रदेश में देखने को मिला है ,लेकिन बिहार में इस तरह का पहला मामला है।
आदर्श को बचाना है ,ग्यारह साल का आदर्श मांग रहा है ज़िन्दगी ,,,अजीब बिमारी के चपेट में है आदर्श,परिजन लगा रहे हैं ज़िंन्दगी की गुहार ,,बिहार के कटिहार के मनिया के रहने वाले पप्पू शाह का बीटा आदर्श मौत से भी बदतर ज़िन्दगी जीने को मज़बूर हैं ,आदर्श तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर है ,इसका दोनों भाई बिलकुल स्वस्थ है पर गरीबी की वजह से इलाज कराने में नाकाम है ,मजदूरी कर ज़िन्दगी बसर करने वाला ये परिवार है ,आदर्श की माँ राधा देवी कहती है की इसका इलाज करवाने के लिए कई डॉक्टर दिखाया गया लेकिन इसका यहाँ इलाज संभव नहीं पाया ,बचपन में आदर्श को पोलियो की खुराक भी पिलाती आ रही है ,फिर भी इस खतरनाक बीमारी ने जाकर लिया है ,आदर्श को मामूली चोट लगते ही अजीब शरीर का बनावट बन जाता है ,हड्डियां खुद ब खुद टूटती रहती है ,फिर खुद ही जुट भी जाती है ,और हड्डियां टूट टूट कर शरीर की अजीब बनावट बन चुकी है ,कटिहार के सदर अस्पताल के डॉक्टर कहते हैं की ये बिहार में पहला मामला है ,इस तरह की बिमारी मध्यप्रदेश में देखने को मिला है ,लेकिन बिहार में इस तरह का पहला मामला है।








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