कटिहार [ बिहार ]_
आदिवासी समाज को शराब भट्टी और शराब के कारोबार से दूर कर समाज के मुख्य धारा से जोड़ने के लिए आधुनिक तरीके से खेती के सहारे सम्मान की जिंदगी जीने की गुर सीखा रहे है कटिहार के आदिवासी किसान विष्णु देव उड़ाव, खेती से सहारे ख्याती के यह अनोखी कहानी कटिहार हसनगंज प्रखंड के आदिवासी किसान विष्णु देव उदाव की है , संथाल बहुल यह समाज जो की शराब की भट्टी और देशी चुलाई शराब के निर्माण से जुड़ा हुआ था , बिहार में शराब बंदी के बाद इसी समाज का एक आदमी कृषि के सहारे अपने समाज को नई दिशा दिखा रहा है ,कभी दूसरे के खेत में मजदूरी करने वाले विष्णु देव जी आज ना सिर्फ एक संविद्ध किसान है बल्कि कई एकड़ जमीन के मालिक भी है ,आधुनिक तरीके से जैविक खाद के माध्यम से मकई और गेहूं की खेती कर विष्णु देव जी ने ना सिर्फ अपने समाज के लिए बल्कि पुरे जिले के किसानों के किसान आइकॉन के रूप में ख्याती प्राप्त किये है ,सार्थक सम्मान की इस कहानी को अब समाज भी सलाम कर रहा है ,वही विष्णु देव जी से प्रेरणा लेने की बात कह रहा है ,जबकि कृषि आधारित संस्था आत्मा के उपनिर्देशक तो यहाँ तक कह रहे है की अन्य किसानों को विष्णु देव उड़ाव की खेत तक ला कर खेती के सहारे कम खर्च में अधिक मुनाफा के इस कहानी से अबगत कराने की योजना बना रहे है। वाक्य अपने दम पर अपने मिट्टी पर अपनी किस्मत की कहानी खुद के दम पर लिखने की यह कहानी समाज के हर उस वर्ग के लिए एक प्रेरणा है जो खेती के सहारे अपने किस्मत बदलने की उम्मीद रखते है ,
आदिवासी समाज को शराब भट्टी और शराब के कारोबार से दूर कर समाज के मुख्य धारा से जोड़ने के लिए आधुनिक तरीके से खेती के सहारे सम्मान की जिंदगी जीने की गुर सीखा रहे है कटिहार के आदिवासी किसान विष्णु देव उड़ाव, खेती से सहारे ख्याती के यह अनोखी कहानी कटिहार हसनगंज प्रखंड के आदिवासी किसान विष्णु देव उदाव की है , संथाल बहुल यह समाज जो की शराब की भट्टी और देशी चुलाई शराब के निर्माण से जुड़ा हुआ था , बिहार में शराब बंदी के बाद इसी समाज का एक आदमी कृषि के सहारे अपने समाज को नई दिशा दिखा रहा है ,कभी दूसरे के खेत में मजदूरी करने वाले विष्णु देव जी आज ना सिर्फ एक संविद्ध किसान है बल्कि कई एकड़ जमीन के मालिक भी है ,आधुनिक तरीके से जैविक खाद के माध्यम से मकई और गेहूं की खेती कर विष्णु देव जी ने ना सिर्फ अपने समाज के लिए बल्कि पुरे जिले के किसानों के किसान आइकॉन के रूप में ख्याती प्राप्त किये है ,सार्थक सम्मान की इस कहानी को अब समाज भी सलाम कर रहा है ,वही विष्णु देव जी से प्रेरणा लेने की बात कह रहा है ,जबकि कृषि आधारित संस्था आत्मा के उपनिर्देशक तो यहाँ तक कह रहे है की अन्य किसानों को विष्णु देव उड़ाव की खेत तक ला कर खेती के सहारे कम खर्च में अधिक मुनाफा के इस कहानी से अबगत कराने की योजना बना रहे है। वाक्य अपने दम पर अपने मिट्टी पर अपनी किस्मत की कहानी खुद के दम पर लिखने की यह कहानी समाज के हर उस वर्ग के लिए एक प्रेरणा है जो खेती के सहारे अपने किस्मत बदलने की उम्मीद रखते है ,



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