कटिहार [ बिहार ]_कटिहार में नायाब व्यापार के माध्यम से ग्रामीण वृद्ध महिलाओं को रोजगार उपलब्ध करवा रहा है गौरव ,,,,पोठिया के इस युवक ने ब्यूटीपार्लर से''कटिंग बाल ''को खरीदकर कोलकाता के अपने मित्र के माध्यम से विदेशों में भेजकर आर्थिक आमदनी का नया जरिया ढूंढ निकाला है ,बिहार के इस अनोखे रोजगार बाल के खाल ''निकालने वाली कहावत तो आपने तो कई बार सुनी होगी मगर कोई बाल [केश ] से रोजगार सृजन कर दे तो आप इसे किया कहेंगे ,,,जी हाँ कटिहार पोठिया के रहने वाले इंटर पास युवा गौरव शायद बिहार के एक मात्र ऐसा कारोबारी है जो इस नायाब कारोबार के सहारे ना सिर्फ अपनी आर्थिक आमदनी को नई पहचान दी है बल्कि ग्रामीण अर्थ तंत्र को भी नई दिशा दी है आज गौरव के पास लगभग 50 महिलायें काम करती है जिसमे से वैसे वृद्ध महिला भी है जो ना तो खेतों में मज़दूरी कर सकती है और ना ही अन्य काम कर सकती है ,ये महिलायें एजेंट के माध्यम से लाये गए बालों को साफ़ कर बोरे में पैक करती है ,,गौरव कहते हैं की बंगाल मुर्शिदाबाद में अपने मित्र के पास इस रोजगार को देख कर उन्होंने इसे करने की ठानी थी आज कटिहार के साथ साथ अन्य जिलों से भी उनके पास ब्यूटीपार्लर से एजेंटों के द्धारा उनतक महिलाओं की '''कटिंग बाल ''पहुँचती है ,जिसे वो कोलकाता के अपने मित्र के माध्यम से चाईना के बाज़ार में भेजता है,गौरव ने कहा की बिहार के अन्य जिले की अपेक्षा सीमांचल के जिलों के महिलाओं की कटंग बालो की मांग विदेशी बाज़ारों में ज्यादा है।युवा गौरव कहते हैं की अगर सरकारी स्तर पर थोड़ी सहयोग मिले तो इस कारोबार को और बड़ा आयाम दिया जा सकता है जिससे विदेशी खरीददार भी बिहार के इस गाँव तक पहुँच सकते हैं। ग्रामीण महिला मजदूर भी गौरव द्वारा घर में ही इस तरह के रोजगार उपलब्ध करवाने से बेहद संतुष्ट है।
जबकि सामजिक कार्यकर्ता भी गौरव के प्रयास की तारीफ करते हुए सरकार से गौरव को मदद देने की मांग कर रहे हैं ,,, वहीँ जिला आत्मा के उपप्रबंधक गौरव के इस प्रयास को भरपूर सहयोग देने के भरोसे के साथ कहते है की विदेश के साथ साथ भारत में भी कटिंग बालों को एकट्ठा कर उससे जैविक खाद्य बनाने की शुरुआत हो चुकी है ,हालांकि गौरव के इस उद्योग के माध्यम से खरीदे गये बालों से चाइना में और किया किया चीजें बन सकती है इसपर जानकारी जुटाकर बिहार के इस युवा उद्यमी के प्रयास को हर सम्भव मदद की जायेगी ,,
जबकि सामजिक कार्यकर्ता भी गौरव के प्रयास की तारीफ करते हुए सरकार से गौरव को मदद देने की मांग कर रहे हैं ,,, वहीँ जिला आत्मा के उपप्रबंधक गौरव के इस प्रयास को भरपूर सहयोग देने के भरोसे के साथ कहते है की विदेश के साथ साथ भारत में भी कटिंग बालों को एकट्ठा कर उससे जैविक खाद्य बनाने की शुरुआत हो चुकी है ,हालांकि गौरव के इस उद्योग के माध्यम से खरीदे गये बालों से चाइना में और किया किया चीजें बन सकती है इसपर जानकारी जुटाकर बिहार के इस युवा उद्यमी के प्रयास को हर सम्भव मदद की जायेगी ,,




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