बिहार [कटिहार ]_असदुर रहमान _कटिहार पुलिस की बड़ी कामयाबी ,तीन हत्याकाण्ड का हुआ खुलासा ,विशेष रिपोर्ट .
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| अनुमंडल पुलिस पढाधिकारी के साथ पुलिस दल |
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| हत्याकाण्ड का खुलासा करते हुए पुलिस पढाधिकारी |
अपराध की काली दुनिया भी बड़ी अजीब होती है ,यहां हत्या जैसी घटना को बड़े ही आसानी से अंजाम तक पहुंचाने वाले अपराधी भी कभी -कभी कैसे अपराध का शिकार हो जाता है कटिहार पुलिस ने हाल के दिनों में अलग -अलग हुई तीन हत्या कांड का खुलासा करते हुए ऐसे ही एक तफ्तीश को पूरा किया ,कटिहार के अनुमंडल पुलिस पढाधिकारी अनिल कुमार ने बताया की तीन हत्याकाण्ड के खुलासे में कांड सख्या 467 /18 दिनाक 18 ,07 ,2018 थाना सहायक मामला इमरजेंसी कॉलोनी में रेल कर्मी के पुत्र विवेका नन्द सिंह की चाकू से गोद -गोद कर निर्मम हत्या ,दूसरी घटना कांड सख्या 58 /19 ,दिनाक 19 ,01 ,2019 थाना सहायक इमरजेंसी कॉलोनी में ही रेल कर्मी के पति संजय साहू को गोली मार कर हत्या ,तीसरी घटना कोढ़ा थाना क्षेत्र के पेकहा में कांड सख्या 29 /19 दिनाक 22 . 01 ,2019 सत विक्षत हालत में कारी कोशी नदी में अज्ञात शव की बरामदी ,इन तीनो मामले में केवल पहला मामला रेल कर्मी के बेटा की हत्या मामले में पुलिस एक आरोपी जैकी तिवारी उर्फ़ मुकेश तिवारी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था ,बाकी मामलो में केवल अँधेरे में ही तीर मारा जा रहा था , लेकिन कहते है की तफ्तीश की दिशा अगर सही हो तो वारदात की राज खुल ही जाती है ,कटिहार पुलिस भी इस तीन मामले के बाद लगातार दवाब में थी ,इस बिच अज्ञात शव ही तीनो मामले की कड़ी को जोड़ते हुए सभी मामले का पूरा तरह पटाक्ष कर दिया ,कोढ़ा थाना क्षेत्र के कारी कोशी नदी में मिले शव की पहचान कई दिन के बाद सहायक थाना क्षेत्र के इमरजेंसी कॉलोनी के किशन राय के रूप में हुई ,पुलिस ने आगे जानकारी जुटते हुए ये भी पता कर लिया की किशन अपराध की दुनिया की बड़ा नाम था और शायद अपराध के बाद ही पैसे को बटवारे को लेकर उसकी हत्या हुई है ,जिस हत्या कांड में पुलिस के सूत्र ने NK का नाम सामिल होने पर गहराई से तफ्तीश शुरू की तो फिर क्या था नीरज कुमार उर्फ़ निरंजन कुमार नाम से NK पुलिस के हथ्थे चढ़ा ,दवाब बनाने पर NK ने पूरा राज खोल दिया ,उन्होंने कहा किशन राय पेशेवर अपराधी था और वह पहली घटना रेल कर्मी का बेटा विवेकानंद हत्या कांड के साथ -साथ दूसरी घटना रेल कर्मी के पति संजय साहू के हत्या में सामिल था , जिसमे NK की भी भूमिका भी थी ,मगर बाद में लालच में आकर किशन ने NK उर्फ़ निरंजन कुमार को भी धोका देने की कोशिस किया था ,जिस कारण पैसे की आपसी बटवारा को लेकर हुए विवाद में NK ने कोढ़ा थाना क्षेत्र के पैकहा गांव कारी कोशी नदी के पास अपने अन्य साथियो के साथ मिल कर किशन की हत्या कर दी ,फिलहाल हत्या कांड के खुलासे के बाद कुछ हद तक तीनो मामले पर बढ़ते दवाब पर पुलिस ने राहत की सास ली है ,,,, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अनिल कुमार ने NK उर्फ़ निरंजन कुमार पर खुलासा करते हुए कहा की वह इमरजेंसी कॉलोनी के ही युवक है और शिक्षक माता पिता के पुत्र बोटनी (विज्ञान ) के तीसरे वर्ष का छात्र है ,मगर नशे की लत और एसो आराम के लिए अपराध के दुनिया में वह प्रवेश किया था ,जबकि किशन एक पेशेवर अपराधी था ,जिसका अंत भी उसी तरह हो गया ,
निश्चित तौर पर इस तीन हथिया कांड के खुलासे पर कई सिख भी मिलता है की अपराध की दुनिया अपराधी की भी नहीं होती है ,दूसरी तरफ एक अच्छे पढ़े लिखे घर के लड़का किस तरह से नशे की लत के जद में आकर अपने सुनहरे कल को तबाह कर लिया इसका भी उदहारण NK उर्फ़ निरंजन कुमार है ,अंत में सहराना कटिहार पुलिस की भी होनी चाहिये की जो लगातार इन हत्याओ की खुलासे के लिए मुस्तैदी के साथ तफ्तीश पूरी की ,,,,


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