बिहार [ कटिहार ]__असदुर रहमान __केलांचल के केला किसान पनामा बिल्ट रोग से परेसान ,कैसे मिले छुटकारा .
बिहार के कटिहार में केला के अच्छे पैदावार के लिए इस इलाके को ''केलांचल ''के रूप में भी जाना जाता है ,मगर इन दिनों केलांचल के किसान ''पनामा बिल्ट ''बिमारी से परेशान है और कृषि विभाग के पास इससे जुड़े कोई ठोस उपाय भी नहीं हैं ,'पनामा बिल्ट ''बिमारी से परेशान कटिहार के केला किसान अब केले की खेती को छोड़ने को मज़बूर है ,ये बीमारी इस तरह से केला किसानो को तबाह की है की जिले में कई सौ एकड़ में होने वाले केला की खेती अब सिमटने लगी है ,दरअसल वर्षों से इस इलाके में केला की खेती किसानो के चेहरे पर मुस्कान बिखेरते रहा है लेकिन कुछ सालो से केला में ''पनामा बिल्ट ''बीमारी निकलने से इन किसानो की बर्बादी की वजह बन गई है ,कटिहार के कोढ़ा ,बरारी ,फलका ,कुरसेला विशेष रूप से केला के लिए जाने जाते हैं मगर अब केला में बिमारी से किसान केला की खेती से तौबा कर रहे हैं। _वहीँ कृषि विभाग भी पनामा बिल्ट पर कोई ठोस निदान अबतक नहीं कर पाया है कहते हैं की कोई ठोस उपाय तो नहीं है लेकिन कुछ विधि को अपनाकर इस बिमारी से कुछ हद तक बचा जा सकता है। केला इस क्षेत्र के किसानो के लिए बहुत बड़ी आर्थिक आम्दानी का जरिया है ऐसे में केला किसान अगर इस तरह से तबाह हो जाये तो एक बार फिर बड़े पैमाने पर किसान खून के आंसू रोने के लिए मज़बूर हो जाएगा।
बिहार के कटिहार में केला के अच्छे पैदावार के लिए इस इलाके को ''केलांचल ''के रूप में भी जाना जाता है ,मगर इन दिनों केलांचल के किसान ''पनामा बिल्ट ''बिमारी से परेशान है और कृषि विभाग के पास इससे जुड़े कोई ठोस उपाय भी नहीं हैं ,'पनामा बिल्ट ''बिमारी से परेशान कटिहार के केला किसान अब केले की खेती को छोड़ने को मज़बूर है ,ये बीमारी इस तरह से केला किसानो को तबाह की है की जिले में कई सौ एकड़ में होने वाले केला की खेती अब सिमटने लगी है ,दरअसल वर्षों से इस इलाके में केला की खेती किसानो के चेहरे पर मुस्कान बिखेरते रहा है लेकिन कुछ सालो से केला में ''पनामा बिल्ट ''बीमारी निकलने से इन किसानो की बर्बादी की वजह बन गई है ,कटिहार के कोढ़ा ,बरारी ,फलका ,कुरसेला विशेष रूप से केला के लिए जाने जाते हैं मगर अब केला में बिमारी से किसान केला की खेती से तौबा कर रहे हैं। _वहीँ कृषि विभाग भी पनामा बिल्ट पर कोई ठोस निदान अबतक नहीं कर पाया है कहते हैं की कोई ठोस उपाय तो नहीं है लेकिन कुछ विधि को अपनाकर इस बिमारी से कुछ हद तक बचा जा सकता है। केला इस क्षेत्र के किसानो के लिए बहुत बड़ी आर्थिक आम्दानी का जरिया है ऐसे में केला किसान अगर इस तरह से तबाह हो जाये तो एक बार फिर बड़े पैमाने पर किसान खून के आंसू रोने के लिए मज़बूर हो जाएगा।


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