बिहार [कटिहार ]_असदुर रहमान __विदेशी माता पिता के गोद तक पहुंची अनन्या
देवकी ने छोड़ा यशोदा ने अपनाया " ,,, देश की बेटी अब इण्डिया को बाय -बाय कर विदेशी माता पिता के साथ इटली के उड़ान पर चल दी ,कहानी कटिहार के दत्तक केंद्र में पल रही चार साल की विशेष बच्ची अनन्या की है ,कटिहार बाल विकास संगरक्षण इकाई के कार्यालय पहुंच कर इटली के दंपति रॉबर्ट ब्रेंडु और इलियाना ने तमाम कागजी प्रक्रिया पूरा कर इस बच्ची के वाकायदा माता पिता बन कर अनन्या को अपने साथ ले गई ,पैसा से शिक्षिका इलियाना कहती है की आगे वह इस बच्ची को बेहतर जिंदगी देगी ,उनका कोशिस ये रहेगा की उन्हें भारतीय परम्पराओ से भी जोड़ कर भी शिक्षा दी जाय ,इलियाना कहती है की आज से अनन्या इंडो -इटालियन परिवार के सदस्य है जबकि अनन्य के पिता बन कर रॉबर्ट ब्रेंडु भी बेहदस खुश है ,वह कहते है की ये उनके लिए बेहद ख़ुशी का पल है , वही जिला बाल विकास परियोजना पदाधिकारी दत्तक केंद्र से विदेशी माता पिता के गोद तक पहुंची अनन्या के पूरी प्रक्रिया पर जानकारी देते हुए जिला बाल विकास परियोजना पदाधिकारी बेबी रानी कहते है की इस विशेष बच्ची को विदेशी दंपति द्वारा गोद लेने की इच्छा जताई गई थी ,जिस पर भारत सरकार द्वारा तमाम कागजी प्रक्रिया पूरा कर बच्ची को विदेशी दंपति को सौपा गया ,
देवकी ने छोड़ा यशोदा ने अपनाया " ,,, देश की बेटी अब इण्डिया को बाय -बाय कर विदेशी माता पिता के साथ इटली के उड़ान पर चल दी ,कहानी कटिहार के दत्तक केंद्र में पल रही चार साल की विशेष बच्ची अनन्या की है ,कटिहार बाल विकास संगरक्षण इकाई के कार्यालय पहुंच कर इटली के दंपति रॉबर्ट ब्रेंडु और इलियाना ने तमाम कागजी प्रक्रिया पूरा कर इस बच्ची के वाकायदा माता पिता बन कर अनन्या को अपने साथ ले गई ,पैसा से शिक्षिका इलियाना कहती है की आगे वह इस बच्ची को बेहतर जिंदगी देगी ,उनका कोशिस ये रहेगा की उन्हें भारतीय परम्पराओ से भी जोड़ कर भी शिक्षा दी जाय ,इलियाना कहती है की आज से अनन्या इंडो -इटालियन परिवार के सदस्य है जबकि अनन्य के पिता बन कर रॉबर्ट ब्रेंडु भी बेहदस खुश है ,वह कहते है की ये उनके लिए बेहद ख़ुशी का पल है , वही जिला बाल विकास परियोजना पदाधिकारी दत्तक केंद्र से विदेशी माता पिता के गोद तक पहुंची अनन्या के पूरी प्रक्रिया पर जानकारी देते हुए जिला बाल विकास परियोजना पदाधिकारी बेबी रानी कहते है की इस विशेष बच्ची को विदेशी दंपति द्वारा गोद लेने की इच्छा जताई गई थी ,जिस पर भारत सरकार द्वारा तमाम कागजी प्रक्रिया पूरा कर बच्ची को विदेशी दंपति को सौपा गया ,
एक तरफ नवजात खास कर बेटियों को सड़को पर छोड़ देने की बात भारत जैसे देशो में आम हो गई है ,ऐसे में एक विदेशी दंपति इस बेटी को माँ बाप बन जो एक बेहतर जिन्दी देने की उम्मीद जताई है उसकी सहराना तो होनी ही चाहिये

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