KATIHAR ME NETAON KI KAISI RAHI HOLI
कटिहार में होली के रंग पर भी चुनावी रंग सवार है ,सीमांचल में कटिहार के साथ साथ चार में से तीन सीट जदयू खाते में जाने से जनसंघ के जमाने से भाजपा के गढ़ रहे कटिहार के भाजपा के दिग्गजों में नाराजगी है ,हालांकि टिकट के प्रबल दावेदार रहे भाजपा के पूर्व मंत्री निखिल चौधरी से जब होली के रंग फीकी होने पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने गठबंधन के साथ समर्थन और शीर्ष नेताओं के फैसले का सम्मान करने की बात कहते हुए उनपर मायूसी का रंग सवार होने की बात स्वीकारते हुए होली मनाने की बात कही ,जबकि कटिहार में एनसीपी का दामन छोड़ कोंग्रेस के टिकट पर दावेदारी को लेकर सांसद तारिक अनवर के कटिहार स्थित सदभावना भवन में उनके समर्थको के बीच अब भी उम्मीदों का रंग कायन है ,उनके समर्थक तारिक अनवर की गैर उपस्थिति में कहते हैं की निश्चित तौर पर कटिहार से ये सीट महागठबंधन के तारिक अनवर ही लगेंगे और होली का रंग उतारते ही इसपर पिक्चर साफ़ हो जायेगी ,,,,जबकि कटिहार में भाजपा कोटे से चुनाव लड़ने की चर्चा में शामिल विधान पार्षद अशोक अग्रवाल जदयू कोटे में सीट जाने के बाद अब भी कन्फियुजन का रंग का शिकार है ,होली मिलन समारोह के माध्यम से भारी भीड़ के सहारे शक्ति प्रदर्शन कर अब भी वो जदयू कोटे पर भी नजर बनाए हुए हैं ,हो सकता है की उनपर अगर किसी दल का रंग ना चढ़े तो निर्दलीय प्रतियासी के रूप में भी वो विजय रंग की राह तलासे ,कुल मिलाकर कटिहार की राजनीति में चुनावी रंग की तस्वीरें होली की मौके पर अब तक पूरी तरह धुंधली है ,कहीं मायूशी का रंग है ,कहीं उम्मीदों का रंग है तो कहीं उत्साह का रंग है ,इन रंगों के बीच कटिहार की जनता किसे होली के बाद जीत की होली मनाने की मौका देंगे ये वाकई दिलचस्प होगा।
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