कटिहार में खंडहर नुमा जर्जर इंदिरा आवास कभी भी बन सकता है बड़ा हादसे का बजह,
बड़ी संख्या में महादलित आबादी से जुड़े लोग आज भी ऐसे घरों में रहने को है मजबूर,लोग सरकार से जल्द हालात के सुधि लेने के लगा रहे हैं गुहार, समेली प्रखंड के मलहरिया पंचायत बखरी गांव के ऐसे जर्जर भवनों को दुरुस्त करने के लिए सरकार के पास क्या है प्लानिंग पर जानिए इस खबर में ।
खंडहर नुमा जर्जर भवन में जान जोखिम में डालकर रहने को वेवश यह कटिहार समेली प्रखंड के मलहरिया पंचायत बखरी गांव के लोग हैं, इस गांव में वर्षों पहले सरकार द्वारा सैकड़ों इंदिरा आवास निर्माण करवाया गया था मगर उसके बाद धीरे-धीरे सभी आवास जर्जर हो गए मगर इसके मेंटेनेंस के नाम पर कुछ भी नहीं हो पाया है, जिस कारण अब लोग घर छोड़कर या तो मचान में रहते हैं या घर के अंदर जान जोखिम में डालकर रहते हैं,ऐसे में तेज हवा के झोका या जोरदार बारिश कभी इस इलाके के लिए बड़ा हादसा का बजह बन सकता है।
किया कहते हैं पीड़ित परिवार
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कटिहार के समेली प्रखंड के मलहरिया पंचायत के इस महादलित जाती से आने वाले
नित्यानंद ऋषि,मिठीया देवी,कलानंद ऋषि सहित पीड़ित परिवार के लोगो का कहना है कि 30 से 35 साल पहले इंदिरा आवास योजना से घर बनाकर दिया गया था जो अब जर्जर है और लोग मचान पर ही रहते है कभी भी कोई हादसा ही सकता है,वहीं लोगो ने बताया कि तीन डिसमिल ज़मीन देकर महादलित परिवार को बसाने की बात सरकार ने कही थी लेकिन आज तक किसी को नही मिल पाया ,अब उनकी मांग है कि उनके मकान को दुरुस्त किया जाए।
मामले पर किया कहते हैं जिला अधिकारी
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इंदिरा आवास के इस जर्जर हालात पर कटिहार जिला अधिकारी उदयन मिश्रा कहते हैं यह सिर्फ कटिहार के एक इलाका नहीं बल्कि बिहार के कई इलाके में ऐसी हालात है जब इंदिरा आवास सरकार द्वारा आवंटित हुआ था इसके बाद मेंटेनेंस के काम नहीं हो पाया है, इसलिए इस तरह का हालात है लेकिन सरकार जल्द विशेष प्लानिंग के माध्यम से ऐसे लोगों के लिए व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।
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रोटी,कपड़ा,मकान लोगों के लिए मूलभूत जरूरत है और सरकार हर किसी को इसे उपलब्ध करवाने के दावा करते हैं मगर उन दावे की हकीकत अगर ऐसी हो तो इस पर सरकार को जल्द ठोस व्यवस्था सुनिश्चित करना चाहिए।




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