SAMBHAL NEWS: जुमे की नमाज के समय को लेकर जामा मस्जिद प्रशासन ने पुलिस से बातचीत से किया इनकार
संभल में जुमे की नमाज के समय को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय जामा मस्जिद के प्रशासन ने पुलिस प्रशासन के साथ इस मुद्दे पर बातचीत करने से इनकार कर दिया है, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने मस्जिद प्रशासन से नमाज के समय को लेकर बातचीत करने का प्रयास किया। पुलिस का कहना है कि नमाज के समय के कारण यातायात व्यवस्था पर असर पड़ता है, जिससे आम जनता को परेशानी होती है। इसके समाधान के लिए पुलिस ने मस्जिद प्रशासन से बातचीत का प्रस्ताव रखा था।
हालांकि, जामा मस्जिद प्रशासन ने इस प्रस्ताव को ठुकराते हुए स्पष्ट किया कि नमाज के समय में किसी भी तरह का बदलाव संभव नहीं है। मस्जिद प्रशासन का कहना है कि नमाज का समय इस्लामिक नियमों के तहत तय होता है और इसमें किसी भी प्रकार का बदलाव करना संभव नहीं है।
प्रशासन और मस्जिद समिति के बयान
संभल पुलिस अधीक्षक (SP) ने बताया कि, "हमने मस्जिद प्रशासन से अनुरोध किया था कि नमाज के समय के कारण उत्पन्न यातायात समस्या का समाधान निकालने के लिए बातचीत की जाए, लेकिन मस्जिद प्रशासन ने इससे इनकार कर दिया है। हम शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अन्य उपायों पर विचार कर रहे हैं।"
वहीं, जामा मस्जिद के इमाम ने कहा, "नमाज का समय इस्लामिक नियमों के अनुसार तय होता है। इसमें किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप या बदलाव संभव नहीं है। प्रशासन को चाहिए कि वह यातायात व्यवस्था को अन्य तरीकों से नियंत्रित करे।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
इस मुद्दे पर स्थानीय लोगों की भी मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई है। कुछ लोगों का कहना है कि नमाज का समय धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसमें बदलाव की कोई जरूरत नहीं है। वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि प्रशासन को यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अन्य उपायों पर ध्यान देना चाहिए ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की समस्या न हो।
फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में
मामले को लेकर फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण है, लेकिन पुलिस ने स्थिति पर पूरी नजर बनाए रखी है। प्रशासन का कहना है कि शांति व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं, मस्जिद प्रशासन भी अपने फैसले पर अडिग है।
👉 क्या जुमे की नमाज के समय में बदलाव संभव है या नहीं, यह देखने वाली बात होगी। फिलहाल, दोनों पक्षों के बीच बातचीत की संभावना कम ही नजर आ रही है।






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