पूर्व विधायक विश्वनाथ सिंह का पटना में निधन, मनिहारी विधानसभा क्षेत्र में शोक की लहर,सीएम ने जताया दुख
कटिहार जिले के मनिहारी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक विश्वनाथ सिंह का पटना में इलाज के दौरान निधन हो गया। वे 95 वर्ष के थे और पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे। उनके निधन की खबर से पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई है।
साधारण किसान परिवार से राजनैतिक सफर तक
विश्वनाथ सिंह का जन्म बैद्यनाथपुर दियारा में एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। उनके पिता केशव सिंह और माता जरिया देवी थीं। संघर्षों से भरे अपने जीवन में उन्होंने राजनीति में उल्लेखनीय योगदान दिया। शुरुआत में वे सरपंच बने, फिर प्रमुख और अंततः विधायक के रूप में जनसेवा का कार्य किया।
उनकी पत्नी शांति देवी हैं और उनके चार पुत्र हैं।
तीन बार मंत्री रहे, कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया
विश्वनाथ सिंह ने तीन बार बिहार सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी।
- 1990 में पहली बार विधायक बने – जनता दल से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे, जिसके बाद उन्हें कृषि उद्योग विकास निगम का चेयरमैन बनाया गया। इस पद पर उन्हें मंत्री का दर्जा प्राप्त था।
- 2000 में जदयू से दूसरी बार विधायक चुने गए – इस कार्यकाल में उन्होंने कई विकास कार्यों को गति दी।
- 2006 में उपचुनाव जीतकर तीसरी बार विधायक बने – उन्हें मछुआ समिति का अध्यक्ष बनाया गया, जिसे भी राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त था।
राजनीतिक एवं सामाजिक जगत में शोक
उनके निधन पर जिले के तमाम नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों ने गहरी संवेदना प्रकट की है।
पूर्व डिप्टी सीएम एवं कटिहार सदर विधायक तारकिशोर प्रसाद, कटिहार सांसद तारीक अनवर, सहित कई नेताओं ने दुख व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी उनके निधन पर शोक प्रकट किया और कहा—
"वे एक कुशल राजनेता और समाजसेवी थे, जो अपने क्षेत्र में अत्यधिक लोकप्रिय थे। उनके निधन से राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है। मैं दिवंगत आत्मा की चिर शांति तथा उनके परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ।"
पूर्व विधायक विश्वनाथ सिंह का जाना, बिहार की राजनीति के एक युग का अंत है। उनकी सादगी, सेवा-भावना और जनता के प्रति समर्पण को हमेशा याद किया जाएगा।




0 टिप्पणियाँ:
एक टिप्पणी भेजें